
विधान परिषद सदस्य एवं सदस्य, राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति उत्तर प्रदेश सुरेंद्र चौधरी से विधान परिषद में मुद्दा उठाने की अपील
बस्ती। उत्तर प्रदेश में पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान, अधिकार एवं कल्याण को लेकर राष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ ने प्रदेश सरकार के समक्ष चार सूत्रीय महत्वपूर्ण मांगें रखी हैं। संघ के संस्थापक एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल सिंह ने विधान परिषद सदस्य एवं सदस्य, राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति उत्तर प्रदेश सुरेंद्र चौधरी के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित पत्र भेजकर पत्रकारों के हित में प्रभावी कानून एवं कल्याणकारी योजनाएं लागू किए जाने की मांग की हैपत्र में राहुल सिंह ने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में शासन-प्रशासन और आमजन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। जनहित, भ्रष्टाचार, प्रशासनिक अनियमितताओं और सामाजिक सरोकारों से जुड़े मुद्दों को सामने लाने के दौरान पत्रकारों को कई बार दबाव, धमकी और उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है। ऐसे में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कानूनी व्यवस्था आवश्यक है
1. पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करने की मांगराष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ ने उत्तर प्रदेश में शीघ्र पत्रकार सुरक्षा कानून लागू किए जाने की मांग की है। इसके तहत—पत्रकारों पर हमला संज्ञेय एवं गैर-जमानती अपराध घोषित किया जाए।पत्रकारों पर हमले के मामलों में अनिवार्य एफआईआर और समयबद्ध जांच का प्रावधान किया जाएसमाचार संकलन, प्रकाशन अथवा प्रसारण के कारण पत्रकारों के उत्पीड़न को रोकने के लिए विशेष कानूनी संरक्षण दिया जाएपत्रकारों को धमकी, दबाव एवं हिंसा से बचाने के लिए प्रभावी सुरक्षा तंत्र बनाया जाए
2. पत्रकारों पर दर्ज फर्जी मुकदमों की वापसीपत्र में प्रदेशभर में पत्रकारों पर दर्ज कथित फर्जी एवं दुर्भावनापूर्ण मुकदमों की समीक्षा कराने की मांग की गई है।
समाचार संकलन, प्रकाशन अथवा प्रसारण के कारण दर्ज मुकदमों की निष्पक्ष समीक्षा कराई जाए।जांच में फर्जी पाए जाने वाले मुकदमों को सरकारी स्तर पर वापस लेने की नीति बनाई जाएपत्रकारों के विरुद्ध भविष्य में होने वाली ऐसी कार्रवाई में निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए।पत्रकारों के उत्पीड़न से संबंधित मामलों के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाई जाए
3. प्रत्येक जनपद में मीडिया सुरक्षा सेल का गठनपत्रकारों की सुरक्षा एवं समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रदेश के प्रत्येक जनपद में मीडिया सुरक्षा सेल गठित करने की मांग की गई है।प्रत्येक जिले में पत्रकारों की शिकायतों के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएपत्रकारों की सुरक्षा संबंधी शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाएप्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों के साथ पत्रकार संगठनों की नियमित बैठक एवं संवाद की व्यवस्था लागू की जाए।पत्रकारों की समस्याओं की निगरानी के लिए जिला स्तर पर प्रभावी तंत्र बनाया जाए
4. पत्रकारों के लिए व्यापक कल्याणकारी योजनाएं लागू करने की मांगराष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ ने पत्रकारों एवं उनके परिवारों के लिए कई कल्याणकारी सुविधाएं लागू करने की मांग की है
5 पत्रकारों को टोल प्लाजा शुल्क में पूर्ण अथवा आंशिक छूट प्रदान की जाए।पत्रकारों एवं उनके परिजनों को स्वास्थ्य सुविधाओं में विशेष छूट दी जाए
6 पत्रकारों के बच्चों की शिक्षा के लिए फीस में छूट की नीति लागू की जाए।पत्रकारों के लिए विशेष बीमा योजना लागू की जाए
7 कवरेज के दौरान पत्रकार की मृत्यु होने पर उनके परिजनों को ₹1 करोड़ तक की सहायता राशि उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएएमएलसी सुरेंद्र चौधरी से विधान परिषद में मुद्दा उठाने की अपीलराहुल सिंह ने विधान परिषद सदस्य एवं सदस्य, राज्य स्तरीय सतर्कता एवं अनुश्रवण समिति उत्तर प्रदेश सुरेंद्र चौधरी से अपील की है कि पत्रकारों से जुड़े इन महत्वपूर्ण मुद्दों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष प्रभावी रूप से रखा जाए तथा उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदन में पत्रकार सुरक्षा कानून, फर्जी मुकदमों की समीक्षा और पत्रकार कल्याणकारी योजनाओं का मुद्दा प्रमुखता से उठाया जाएराष्ट्रीय पत्रकार एकता संघ का कहना है कि पत्रकारों की सुरक्षा केवल पत्रकारों का विषय नहीं है, बल्कि यह लोकतंत्र, प्रेस की स्वतंत्रता और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है।राहुल सिंह ने उम्मीद जताई कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार पत्रकारों की सुरक्षा, सम्मान एवं स्वतंत्र पत्रकारिता को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक एवं ठोस निर्णय लेगी।






