पीलीभीत के बिलसंडा में लंगड़ा बाबा आश्रम सुरक्षा को लेकर हड़कंप: भू-समाधि में उतरे महंत सत्यगिरि, देर रात प्रशासन ने सुरक्षित बाहर निकाला
पीलीभीत। बिलसंडा स्थित प्रसिद्ध लंगड़ा बाबा आश्रम के जीर्णोद्धार और सुरक्षा व्यवस्था की मांग को लेकर चल रहा विवाद शुक्रवार को उस समय चरम पर पहुंच गया, जब आश्रम के मुख्य महंत सत्यगिरि महाराज अन्य संतों के साथ भू-समाधि में उतर गए। इस घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई। हालांकि, देर रात पुलिस प्रशासन और स्थानीय संभ्रांत नागरिकों की मुस्तैदी से महंत को सुरक्षित समाधि से बाहर निकाल लिया गया।
शोभायात्रा के बाद समाधि स्थल का खुदान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को महंत सत्यगिरि महाराज ने करणी सेना और योगी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ नगर में एक यात्रा निकाली, जिसके बाद आश्रम परिसर में भंडारे का आयोजन किया गया। इसी दौरान संतों ने समाधि स्थल का खुदान कराया और मुख्य महंत सत्यगिरि महाराज अन्य संतों के साथ तैयार की गई भू-समाधि में प्रवेश कर गए।
प्रशासनिक अधिकारियों के आश्वासन पर अड़े रहे महंत
घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार और स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचा। प्रशासनिक अधिकारियों ने महंत से बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन महंत जिलाधिकारी (DM) और पुलिस अधीक्षक (SP) को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। महंत सत्यगिरि महाराज का कहना है कि वे पिछले पांच महीनों से अनशन पर हैं। आश्रम के जीर्णोद्धार और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन दिए गए, लेकिन हर बार सिर्फ खोखले आश्वासन ही मिले। उन्होंने अपनी जान को भी खतरा बताया।
देर रात सुलझा मामला, पुलिस बल तैनात
तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए देर रात थानाध्यक्ष जगदीप मलिक और नगर के गणमान्य लोगों ने महंत से लंबी वार्ता की। अथक प्रयासों के बाद प्रशासन महंत को मनाने में सफल रहा और उन्हें सुरक्षित भू-समाधि से बाहर निकाल लिया गया।
मामले पर प्रशासनिक पक्ष रखते हुए अधिकारियों ने बताया कि महंत की मांगों पर संज्ञान लेते हुए आश्रम मार्ग पर खड़ंजा निर्माण सहित कई विकास कार्य पूरे कराए जा चुके हैं, और शेष बचे कार्यों पर नियमानुसार कार्रवाई जारी है। फिलहाल, एहतियात के तौर पर मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
रिपोर्ट अमित दीक्षित






