हरिद्वार ,10 अक्टूबर। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के निर्देशों के अनुपालन में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, हरिद्वार के तत्वावधान में 60-दिवसीय विशेष मेगा ड्राइव के प्रथम चरण में आज विकास खंड बहादराबाद के ग्राम इक्कड़ कला में एक विशाल बहुउद्देशीय विधिक साक्षरता, जनसहायता एवं स्वास्थ्य शिविर का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस व्यापक अभियान का प्राथमिक उद्देश्य सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के अंतिम व्यक्ति तक निःशुल्क विधिक सहायता पहुंचाना, केंद्र व राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रामाणिक जानकारी उपलब्ध कराना तथा जरूरतमंदों की समस्याओं का मौके पर ही त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना है।
कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला जज/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण नरेंद्र दत्त, विशिष्ट अतिथि जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर न्यायिक, प्रशासनिक तथा पुलिस तंत्र के वरिष्ठ अधिकारी एक मंच पर उपस्थित रहे।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि जिला न्यायाधीश नरेंद्र दत्त ने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की चौखट तक न्याय की पहुंच आसान बनाना ही विधिक सेवा प्राधिकरण का मूल संकल्प है। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 का उल्लेख करते हुए महिलाओं, बच्चों, वरिष्ठ नागरिकों, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा समाज के निर्धन वर्गों को प्राप्त निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकारों की विस्तृत जानकारी दी। इसके साथ ही उन्होंने नालसा की प्रमुख योजनाओं जैसे शिक्षा योजना 2026, स्पृहा योजना, मानव-वन्यजीव संघर्ष सहायता योजना, वीर परिवार सहायता योजना एवं बाल विवाह रोकथाम से संबंधित ‘आशा’ पहल के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया और आह्वान किया कि कोई भी नागरिक जानकारी के अभाव में अपने अधिकारों से वंचित न रहे।
कार्यक्रम में परिवार न्यायालय रुड़की के न्यायाधीश बी.बी. पांडेय ने अपने संबोधन में कहा कि संपूर्ण हरिद्वार जिले में सभी न्यायिक अधिकारी पूर्ण निष्ठा और ईमानदारी से कार्य कर रहे हैं, जिससे न्यायपालिका के प्रति आमजन का विश्वास निरंतर सुदृढ़ हुआ है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह भुल्लर ने महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा पर विशेष जोर देते हुए आपातकालीन हेल्पलाइन 112, वूमेन हेल्पलाइन 1090 तथा वित्तीय व साइबर अपराधों से बचाव हेतु साइबर हेल्पलाइन 1930 के विषय में जागरूक किया। उन्होंने ग्रामीणों से नए आपराधिक कानूनों, मोटर वाहन अधिनियम तथा सड़क सुरक्षा नियमों का पूरी कड़ाई से पालन करने का आग्रह किया।
जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने प्रशासनिक प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि जिला प्रशासन प्रत्येक नागरिक की समस्याओं के समाधान हेतु पूर्ण रूप से प्रयासरत है। शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह की देखरेख में सामान्य स्वास्थ्य परीक्षण शिविर संचालित किया गया, जहाँ ग्रामीणों की चिकित्सीय जांच कर निःशुल्क औषधियां वितरित की गईं तथा मौसमी बीमारियों से बचाव के उपाय बताए गए। वहीं मुख्य विकास अधिकारी/परियोजना निदेशक, जिला पूर्ति अधिकारी तथा खंड विकास अधिकारी बहादराबाद ने अपनी-अपनी कार्ययोजनाओं से संबंधित सरकारी योजनाओं की बिंदुवार जानकारी प्रदान की।
शिविर स्थल पर स्वास्थ्य, समाज कल्याण, राजस्व, पंचायती राज, शिक्षा तथा बाल विकास विभाग सहित विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा अपने-अपने स्टॉल स्थापित किए गए। इन स्टॉलों के माध्यम से ग्रामीणों के राशन कार्ड, आधार कार्ड, श्रम कार्ड, विभिन्न प्रकार की पेंशन, आवश्यक प्रमाण-पत्र तथा परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने जैसी नागरिक सेवाओं हेतु मौके पर ही आवेदन पत्र भरवाए गए और दस्तावेज तैयार किए गए। यह मेगा ड्राइव अभियान निरंतर 60 दिनों तक संचालित रहेगा, जिसमें विलेज लीगल एड क्लीनिक और पराविधिक स्वयंसेवक (पीएलवी) घर-घर जाकर पात्र व्यक्तियों की पहचान कर रहे हैं।
समारोह के अंत में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सिमरनजीत कौर ने इस बहुउद्देशीय शिविर को सफल बनाने में अमूल्य योगदान देने वाले सभी न्यायिक व प्रशासनिक अधिकारियों, विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों तथा विशाल संख्या में उपस्थित ग्रामवासियों का हृदय से आभार व्यक्त किया।






