देहरादून, 03 अक्टूबर। देहरादून जिले के थानों स्थित जामा मस्जिद की भूमि का दाखिल-खारिज तहसीलदार डोईवाला द्वारा निरस्त किए जाने के मामले में मुस्लिम सेवा संगठन ने गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित आदेश की समीक्षा किए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा।
संगठन का कहना है कि उपलब्ध आदेश के अनुसार तहसीलदार डोईवाला द्वारा 10 मार्च 2026 को मस्जिद से संबंधित दाखिल-खारिज निरस्त किया गया था। आरोप है कि मस्जिद पक्ष को अपना पक्ष रखने और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिए बिना ही यह एकपक्षीय निर्णय लिया गया, जो प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विपरीत है।
मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी ने कहा कि थानों मस्जिद के म्यूटेशन को निरस्त करने का आदेश एक गंभीर विषय है। राजस्व संबंधी मामलों में सभी पक्षों को अपना पक्ष और साक्ष्य प्रस्तुत करने का पूर्ण अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और प्रक्रिया में यदि कोई कमी पाई जाती है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाए।
संगठन के उपाध्यक्ष आकिब कुरैशी ने स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी अधिकारी पर व्यक्तिगत आरोप लगाना नहीं है, बल्कि मांग केवल राजस्व रिकॉर्ड और म्यूटेशन प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की है। उन्होंने कहा कि यदि मस्जिद पक्ष को सुनवाई का पर्याप्त अवसर नहीं मिला है तो उसे अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए। संगठन संवैधानिक एवं कानूनी दायरे में रहकर अपनी बात प्रमुखता से रखेगा।

ज्ञापन देने वाले प्रतिनिधिमंडल में मुफ़्ती बुरहानुद्दीन, नाज़िम खान, नाज़िम ज़ैदी, कलीम शेख, साकिब कुरैशी, खुर्शीद अहमद, मुहम्मद इरशाद, कैफ खान, साद मिर्ज़ा और अब्दुल रहमान सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।






