
रिपोर्टर राहुल सिंह स्टेट हेड दूरदर्पण न्यूज उत्तर प्रदेश
बस्ती। जनपद बस्ती के वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के भुजैनिया गांव निवासी एक मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जवाहिर चौहान पुत्र रामचंद्र, निवासी ग्राम भुजैनिया, अमापुरवा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि जवाहिर चौहान नारायणपुर चौराहे पर स्थित शुक्ला बिल्डिंग मटेरियल की दुकान पर मजदूरी करने गए थे। इसी दौरान उनके गंभीर रूप से घायल होने की सूचना सामने आई। बाद में अस्पताल से घर लौटने के कुछ घंटे बाद उनकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, वहीं मजदूर की मौत को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं
सिर, गर्दन और हाथ में गंभीर चोट लगने की बात
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, जवाहिर चौहान के शरीर पर गंभीर चोटों के निशान दिखाई दे रहे थे। उनके सिर और गर्दन में चोट तथा हाथ में फ्रैक्चर जैसी स्थिति होने की बात बताई जा रही है। चोटों की गंभीरता को देखते हुए घटना की परिस्थितियों को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, चोट किस प्रकार और किन परिस्थितियों में लगी,
इसकी आधिकारिक पुष्टि जांच और चिकित्सकीय रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी
बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग मटेरियल की दुकान पर जवाहिर मजदूरी करते थे, वह नारायणपुर चौराहे पर स्थित है और उनके गांव से लगभग एक से दो किलोमीटर की दूरी पर है। आरोप है कि घायल होने के बाद तत्काल परिजनों को सूचना नहीं दी गई। हालांकि, इस संबंध में संबंधित दुकानदार का पक्ष और घटनाक्रम की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से जिला अस्पताल तक पहुंचा मामला
जानकारी के अनुसार,
घायल जवाहिर चौहान को उपचार के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सल्टौआ गोपालपुर ले जाया गया
उनकी हालत गंभीर होने पर परिजनों को सूचना दी गई, जिसके बाद उनके बेटे और भाई को जिला अस्पताल गए
इसके बाद उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां आपातकालीन विभाग में उपचार किए जाने की बात सामने आई है
परिजनों के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद जवाहिर चौहान को घर ले आया गया
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि यदि घायल की हालत गंभीर थी और शरीर पर गंभीर चोटें थीं, तो उन्हें अस्पताल में भर्ती क्यों नहीं किया गया?
क्या चिकित्सकों ने उनकी स्थिति का समुचित आकलन किया था?
क्या उन्हें आगे के उपचार की आवश्यकता थी?
इन सवालों का जवाब अस्पताल के चिकित्सकीय अभिलेखों और संबंधित डॉक्टरों के पक्ष से ही स्पष्ट हो सकेगा
अस्पताल में मरीज की जांच, उपचार, भर्ती करने या घर भेजने से संबंधित निर्णय की वास्तविक स्थिति जानने के लिए मेडिकल रिकॉर्ड की जांच भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है
रात दो से तीन बजे के बीच हुई मौत
परिजनों के मुताबिक, जवाहिर चौहान को घर लाने के बाद रात में कुछ समय तक स्थिति सामान्य दिखाई दी,
लेकिन देर रात करीब दो से तीन बजे के बीच जब परिजनों ने उन्हें देखा तो उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिवार में चीख-पुकार मच गई
एक मजदूर की इस तरह संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने से परिवार के सामने दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है
घटना को लेकर गांव में भी चर्चा है हालांकि, मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा
दुकानदार ने ट्रैक्टर के लोडर से गिरने की बताई बात
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिल्डिंग मटेरियल की दुकान से जुड़े व्यक्ति की ओर से बताया गया कि जवाहिर चौहान दुकान पर मौजूद ट्रैक्टर के लोडर पर चढ़े थे और कथित तौर पर शराब के नशे में गिर गए, जिससे उन्हें चोटें आईं
हालांकि, यह दुकानदार की ओर से बताया गया घटनाक्रम है
इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। दूसरी ओर,
घायल के शरीर पर बताई जा रही गंभीर चोटों के कारण यह सवाल उठ रहा है कि आखिर हादसा किस परिस्थिति में हुआ और चोटों की वास्तविक प्रकृति क्या थी? घटना के समय वहां कौन-कौन मौजूद था और घायल को अस्पताल पहुंचाने में कितना समय लगा, यह भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है
दुकान पर लगा सीसीटीवी कैमरा खराब होने की चर्चा
इस मामले में एक और महत्वपूर्ण पहलू दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे को लेकर सामने आया है। बताया जा रहा है कि दुकान पर सुरक्षा के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था, लेकिन जानकारी लेने पर उसके कई दिनों से खराब होने की बात कही गई
यदि कैमरा वास्तव में घटनास्थल को कवर करता था, तो उसके खराब होने की अवधि और स्थिति की जांच आवश्यक हो सकती है
सवाल यह भी है कि कैमरा कब से खराब था और क्या घटना के समय आसपास की किसी अन्य दुकान, मकान या सड़क पर लगे कैमरों में कोई महत्वपूर्ण फुटेज उपलब्ध है?
हालांकि, कैमरा जानबूझकर बंद किया गया था या वह तकनीकी खराबी के कारण काम नहीं कर रहा था, इसका कोई प्रमाण अभी सामने नहीं आया है। इसलिए इस पहलू पर निष्कर्ष निकालने से पहले पुलिस की जांच जरूरी है
मौके पर पहुंची पुलिस, जांच के बाद स्पष्ट होगा मौत का कारण
घटना की जानकारी मिलने के बाद वाल्टरगंज थाना पुलिस और डायल 112 की टीम के मौके पर पहुंचने की जानकारी मिली है। पुलिस की ओर से घटनास्थल और संबंधित लोगों से जानकारी जुटाई जा रही है
पुलिस के अनुसार, परिजनों की ओर से तहरीर मिलने पर उसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले में मृतक को चोट कैसे लगी, घटना के समय वहां कौन मौजूद था, अस्पताल में क्या उपचार दिया गया और मौत किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी बिंदुओं की जांच महत्वपूर्ण है
कई सवालों के जवाब का इंतजार
जवाहिर चौहान की मौत के मामले में कई सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है
क्या उनकी मौत केवल दुर्घटनावश गिरने से हुई या घटना के पीछे कोई अन्य परिस्थिति थी?
क्या उन्हें समय पर उपचार मिला? गंभीर चोटों के बावजूद उन्हें अस्पताल से घर क्यों लाया गया?
दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरे की वास्तविक स्थिति क्या थी? इन सवालों का जवाब पुलिस जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय अभिलेख और संबंधित लोगों के बयानों से सामने आ सकता है
फिलहाल, मौत के वास्तविक कारण को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी नहीं होगी
अब देखना होगा कि पुलिस जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं और जवाहिर चौहान की मौत की परिस्थितियां किस तरह स्पष्ट होती हैं



