हरिद्वार। प्रदेश में एक तरफ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों पर अवैध अतिक्रमण पर ताबड़तोड़ कार्रवाई जारी है, तो वहीं आगामी कुंभ मेले के मद्देनजर हरिद्वार जिलाधिकारी मयूर दीक्षित खुद धरातल पर उतरकर सड़कों को अतिक्रमण मुक्त कराने में जुटे हैं। इसके बावजूद ओल्ड इण्डस्ट्रियल एरिया हरिद्वार में मारुति शोरूम के पास फल-फूल रहा ‘अवैध अतिक्रमण और नशे की गतिविधियां’ स्थानीय प्रशासन के दावों की हवा निकाल रहा है। मारुति शोरूम के समीप पार्क और सर्विस रोड की फुटपाथ पर पसरे अवैध कब्जे तथा बेलगाम असामाजिक गतिविधियों से आजिज आकर अब उद्योगपतियों, स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रवासियों का आक्रोश फूट पड़ा है।
हरिद्वार इण्डस्ट्रियल एसोसिएशन और क्षेत्रवासियों के संयुक्त प्रतिनिधिमंडल ने सीधे जिलाधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर व्यवस्था पर कड़े सवाल दागे हैं। ज्ञापन में उजागर किया गया है कि मारुति शोरूम के पास स्थित सार्वजनिक पार्क पर भू-माफियाओं और असामाजिक तत्वों का कब्जा हो चुका है। यहां पर बनी अवैध झुग्गी-झोपड़ियां अब नशाखोरी और आपराधिक गतिविधियों की शरणस्थली बन चुकी हैं। दिन-दिहाड़े और देर रात तक खुलेआम नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री व सेवन चल रहा है, जिसके चलते राहगीरों से अभद्रता, गाली-गलौज की घटनाएं रोज की बात बन गई हैं। इस भयावह माहौल के कारण स्थानीय निवासियों, कामगारों और विशेषकर महिला कर्मचारियों का पैदल चलना तक दूभर हो चुका है।
हद तो तब हो गई जब इंडस्ट्रियल एरिया की महत्वपूर्ण सर्विस रोड की फुटपाथ को अतिक्रमणकारियों ने पूरी तरह ब्लॉक कर दिया है। रास्ता बेहद संकरा होने के कारण मुख्य मार्ग पर दिन-रात भीषण ट्रैफिक जाम लगा रहता है, जिससे औद्योगिक इकाइयों के मालवाहक वाहन फंसे रहते हैं और व्यापारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
उद्योगपतियों ने कड़ा अंदेशा जताया है कि यदि इस औद्योगिक क्षेत्र में कोई अग्निकांड या गंभीर मेडिकल इमरजेंसी हो जाए, तो फायर ब्रिगेड या एम्बुलेंस का मौके पर पहुंचना नामुमकिन है। प्रशासन की यह आंख मूंदने की नीति कभी भी किसी बड़े नरसंहार या जान-माल की भीषण तबाही की वजह बन सकती है।
मामले की आपात स्थिति को देखते हुए ज्ञापन की प्रतियां उपजिलाधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, सिडकुल के क्षेत्रीय प्रबंधक व प्रबंध निदेशक तथा ट्री ट्रस्ट ऑफ़ इंडिया के संस्थापक/अध्यक्ष को भी कानूनी व दंडात्मक कार्रवाई हेतु भेजी गई हैं।
उद्योगपतियों व क्षेत्रवासियों की दोटूक मांग की है कि सार्वजनिक पार्क और सर्विस रोड की फुटपाथ पर हुए पूरे अवैध अतिक्रमण को तुरंत बुलडोजर चलाकर ध्वस्त किया जाए। इलाके में सक्रिय नशाड़ियों और उपद्रवियों को चिह्नित कर सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाए और संबंधित जिम्मेदार विभागों की जवाबदेही तय हो, ताकि भविष्य में दोबारा यह क्षेत्र असामाजिक तत्वों का अड्डा न बन सके।
एक तरफ जहां पूरे राज्य और खासकर हरिद्वार में कुम्भ मेला के मद्देनजर अतिक्रमण हटाओ अभियान जोरों पर है, वहीं अब देखना यह होगा कि स्थानीय प्रशासन इस मामले का संज्ञान लेकर तुरंत बुलडोजर चलाता है या उद्योगपतियों और आम जनता की इस गुहार को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।



