रुड़की । उत्तराखंड किसान मोर्चा के बैनर तले बुधवार को रुड़की में किसानों का आक्रोश सड़कों पर खुलकर सामने आया। अपनी छह सूत्रीय प्रमुख मांगों को लेकर सैकड़ों किसानों ने एसडीएम चौक के पास ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के साथ इकट्ठा होकर जोरदार चक्का जाम किया और एक विशाल महापंचायत का आयोजन किया। चक्का जाम के कारण पूरे क्षेत्र में यातायात व्यवस्था काफी हद तक प्रभावित रही, वहीं किसानों की नारेबाजी और हुंकार से प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया।
दोपहर करीब एक बजे संगठन से जुड़े किसान भारी संख्या में अपने संसाधनों के साथ एसडीएम चौक पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की। महापंचायत को संबोधित करते हुए उत्तराखंड किसान मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलशन रोड ने बताया कि पुरानी तहसील परिसर में संगठन का धरना प्रदर्शन बीते 19 अगस्त से लगातार जारी है, लेकिन लंबे समय से संघर्ष करने के बावजूद प्रशासन और सरकार ने उनकी समस्याओं के समाधान पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
चौधरी गुलशन रोड ने किसानों की मुख्य समस्याओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रदेश का किसान बकाया गन्ना भुगतान, चकबंदी प्रक्रिया में आवश्यक सुधार, तहसील से जुड़े प्रशासनिक कार्यों को सरल बनाने, ऊर्जा निगम की बेवजह की जा रही छापेमारी पर रोक लगाने तथा छोटे बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई को तुरंत बंद करने जैसी बेहद जरूरी मांगों को लेकर आंदोलित है। इन्हीं गंभीर मुद्दों को लेकर बुधवार को इस महापंचायत का आयोजन किया गया है, जिसमें आंदोलन की भावी और उग्र रणनीति तय की जा रही है।
किसान नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और प्रशासन ने किसानों की जायज मांगों पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की, तो इस जनआंदोलन को और अधिक तेज तथा व्यापक रूप दिया जाएगा। राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सरकार को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि किसानों की उपेक्षा करना सरकार को भारी पड़ेगा और यदि समय रहते समस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ तो आगामी चुनावों में सरकार को इसका गंभीर राजनीतिक खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहना होगा। फिलहाल किसानों ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को लेकर रुड़की में आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है और अब सभी की निगाहें शासन व प्रशासन के अगले रुख पर टिकी हैं।



