रूडकी/झबरेड़ा । झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम नन्हेड़ा अनन्तपुर में बुधवार को कश्यप महासभा उत्तराखंड की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। महासभा के प्रदेश प्रचार मंत्री दिनेश कश्यप के आवास पर हुई इस बैठक की अध्यक्षता खुद दिनेश कश्यप ने की, जबकि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश महासचिव एस.के. वर्मा ने शिरकत की। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक उत्थान के साथ-साथ कश्यप समाज के विभिन्न उपवर्गों को एक मंच पर लाना रहा।
मुख्य अतिथि एस.के. वर्मा ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि कश्यप समाज की तरक्की के लिए शिक्षा, रोजगार और सामाजिक एकता सबसे जरूरी है। उन्होंने जोर दिया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के हर व्यक्ति तक पहुंचाया जाए। साथ ही युवाओं को रोजगार के प्रति जागरूक करने और बच्चों को बेहतर शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए महासभा पूरी तत्परता से काम करेगी। बैठक में जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता, प्रतिभाशाली बच्चों को प्रोत्साहन, छात्रवृत्ति, निःशुल्क कोचिंग और समाज के विद्यार्थियों के लिए छात्रावास स्थापित करने जैसे अहम मुद्दों पर भी रूपरेखा तैयार की गई।
बैठक में सामाजिक कुरीतियों को दूर करने, नशे जैसी गंभीर बुराइयों के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने तथा बाल विवाह और बाल मजदूरी जैसी समस्याओं को रोकने के लिए समाज के लोगों से आगे आने की अपील की गई।
इस दौरान बैठक में तीखा राजनीतिक रुख भी देखने को मिला। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रदेश सरकार कश्यप समाज के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है और उनके हक व अधिकार दूसरे समाजों को दिए जा रहे हैं। मत्स्य पालन के पट्टे जो पारंपरिक रूप से कश्यप समाज को आवंटित होते थे, उन्हें भी अन्य लोगों को दिए जाने पर गहरी नाराजगी जताई गई। नेताओं ने याद दिलाया कि पूर्व में कश्यप समाज ने एकजुट होकर भाजपा को समर्थन दिया था, लेकिन सरकार बनने के बाद उनकी लगातार उपेक्षा की गई है।
महासभा ने चेतावनी दी है कि गत माह मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को 10 सूत्रीय मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा गया था। यदि प्रदेश सरकार जल्द ही इन मांगों पर सकारात्मक संज्ञान नहीं लेती है, तो आगामी विधानसभा चुनाव में कश्यप महासभा या तो कड़ा कदम उठाते हुए वोट का बहिष्कार करेगी, अपना निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में उतारेगी या किसी अन्य दल के प्रत्याशी को समर्थन देगी। समाज की एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए सभी से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया गया।
बैठक में दिनेश कश्यप, बीरेंद्र कश्यप, श्याम कश्यप, विजय कश्यप, प्रदीप कश्यप, राहुल कश्यप, टीटू कश्यप, राखी कश्यप, डॉ. प्रेमचंद, नरेश कश्यप, अंकित कश्यप और मनीष कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और समाज के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।



