हरिद्वार। धर्मनगरी हरिद्वार के सबसे व्यस्त माने जाने वाले क्षेत्र हरिद्वार रेलवे गेट नंबर-5 के सामने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है। राहगीरों और यात्रियों को अश्लील इशारों से अपनी ओर आकर्षित करने को लेकर महिलाओं के दो पक्षों के बीच हुआ विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और हिंसक मारपीट में बदल गया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, कल गुरुवार को कोतवाली नगर हरिद्वार की पुलिस टीम शिवमूर्ति चौक से रेलवे गेट की ओर चेकिंग और सुरक्षा व्यवस्था के तहत निगरानी कर रही थी। इसी दौरान रेलवे गेट नंबर-5 के सामने महिलाओं के दो गुट आपस में भिड़ गए। मौके पर मौजूद पुलिस ने तुरंत तत्परता दिखाते हुए स्थिति को संभाला और बढ़ते विवाद को रोका।
शांति व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी बड़े संज्ञेय अपराध को टालने के लिए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों की कुल 16 महिलाओं को हिरासत में लिया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 126, 135 और 170 के तहत निरोधात्मक कार्रवाई की है।
सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल और स्थानीय चिंता:
यह पहली बार नहीं है जब हरिद्वार रेलवे स्टेशन के सामने इस तरह की शर्मनाक घटनाएं सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों द्वारा लगातार इसका विरोध किया जाता रहा है, और पूर्व में भी पुलिस द्वारा कार्रवाई की गई है। इसके बावजूद भी इन अवैध गतिविधियों पर स्थायी रूप से लगाम न लग पाना एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करता है:
- क्या इन अवैध धंधों के संचालन के पीछे कोई बड़ा सिंडिकेट या संगठित गिरोह सक्रिय है?
- किसके संरक्षण के बल पर इन असामाजिक तत्वों के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं?
हरिद्वार आने वाले देश-विदेश के श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए इस मामले में केवल सतही कार्रवाई तक सीमित न रहा जाए। इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क और मास्टरमाइंड का पर्दाफाश कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि धर्मनगरी की पवित्रता और सुरक्षा हर हाल में सुरक्षित रह सके।



