
मिलाएडिशनल सीएमओ डॉ. एस.बी. सिंह ने किया निरीक्षण, बोले— शिकायत मिलने पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
बस्ती। जनपद के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया के कुछ माध्यमों पर नाबालिग किशोरी के कथित गर्भपात से संबंधित खबरें प्रसारित होने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया एडिशनल सीएमओ डॉ. एस.बी. सिंह ने संबंधित अस्पताल का निरीक्षण किया।
उनके अनुसार, प्रथम दृष्टया अस्पताल निर्माणाधीन पाया गया और मौके पर चिकित्सा उपचार संचालित होने जैसी स्थिति दिखाई नहीं दीनिरीक्षण में निर्माणाधीन मिला अस्पतालएडिशनल सीएमओ डॉ. एस.बी. सिंह के अनुसार, निरीक्षण के दौरान संबंधित परिसर निर्माणाधीन मिला।
मौके पर चिकित्सा उपचार जैसी गतिविधियां संचालित होने के संकेत नहीं दिखाई दिए। उन्होंने बताया कि निरीक्षण के समय तक पीड़ित परिवार की ओर से उनके संज्ञान में कोई शिकायत नहीं आई थीउन्होंने यह भी कहा कि यदि आगे कोई तथ्य सामने आता है या शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले में नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी
।सोशल मीडिया पर प्रसारित खबरों के आधार पर उठे सवालमामले में यह सवाल भी उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित आरोपों का आधार क्या है और संबंधित घटना की वास्तविक स्थिति क्या है? किसी नाबालिग के कथित गर्भपात से जुड़ा मामला गंभीर है।
इसकी सच्चाई सामने लाने के लिए संबंधित चिकित्सकीय दस्तावेजों, उपचार के रिकॉर्ड और उपलब्ध साक्ष्यों की निष्पक्ष जांच आवश्यक हैपत्रकारिता में जनहित से जुड़े मामलों को सामने लाना महत्वपूर्ण है, लेकिन आरोपों और प्रमाणित तथ्यों के बीच अंतर स्पष्ट रखना भी जरूरी है।
संबंधित पक्षों का बयान लेना और आधिकारिक जानकारी की पुष्टि करना जिम्मेदार पत्रकारिता का अहम हिस्सा हैनिष्पक्ष जांच से सामने आएगी सच्चाईफिलहाल, एडिशनल सीएमओ डॉ. एस.बी. सिंह के बयान के अनुसार, निरीक्षण के दौरान अस्पताल निर्माणाधीन मिला और मौके पर चिकित्सा उपचार संचालित होने जैसी स्थिति दिखाई नहीं दी। दूसरी ओर, नाबालिग किशोरी के कथित गर्भपात से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है ऐसे में संबंधित अधिकारियों द्वारा उपलब्ध साक्ष्यों और चिकित्सकीय रिकॉर्ड के आधार पर निष्पक्ष जांच किया जाना आवश्यक है, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही प्रमाणित होती है, तो संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिएअब निगाहें स्वास्थ्य विभाग की आगे की कार्रवाई और जांच में सामने आने वाले तथ्यों पर टिकी हैं।



