
पीलीभीत:अमरिया कस्बे में रामलीला मेला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर हुए खूनी संघर्ष और तीन लोगों की हत्या के मामले में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सात नामजद समेत कुल 13 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। बुधवार को पुलिस ने मुख्य आरोपी कौशल गुप्ता, उसके चाचा संतोष गुप्ता और संतोष के पिता नरेश गुप्ता को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक लाइसेंसी राइफल, एक अवैध तमंचा, जिंदा व खोखा कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई कार बरामद कर ली है। अन्य हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ जारी है।क्या है पूरा मामलाअमरिया कस्बे में सोमवार रात रामलीला मेला कमेटी के हिसाब-किताब को लेकर पुरानी रंजिश ने खूनी रूप ले लिया था। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी के बाद ताबड़तोड़ फायरिंग और मारपीट हुई। इस घटना में अंकित गुप्ता और वहां से गुजर रहे 15 वर्षीय कुनाल श्रीवास्तव की मौके पर ही मौत हो गई थी। वहीं, गंभीर रूप से घायल अंकित के भाई मोहित गुप्ता ने बरेली के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हिंसक झड़प में रोज गुप्ता भी घायल हुआ है, जिसका इलाज चल रहा है।घटना से तीन दिन पहले दी थी धमकीतिहरे हत्याकांड के बाद से कस्बे में तनाव का माहौल है। पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला और आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें गठित कीं। मंगलवार शाम को मृतक अंकित के भाई रोहित गुप्ता की तहरीर पर मुकदमा दर्ज किया गया।तहरीर के अनुसार, घटना से तीन दिन पहले मोहित और अंकित की कौशल गुप्ता के साथ कहासुनी हुई थी, जिस दौरान वंश मिटा देने की धमकी दी गई थी। इसी रंजिश के चलते 12 अक्तूबर की रात करीब सवा नौ बजे आरोपी अपने साथियों के साथ दुकान के सामने पहुंचे और गाली-गलौज करने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने लाइसेंसी राइफल, तमंचे और बांकों से हमला बोल दिया।पुलिस की कार्रवाई और बरामदगीतहरीर में कौशल गुप्ता पर अंकित को गोली मारने और संतोष कुमार गुप्ता पर मोहित को गोली मारने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा हर्षित, रचित, ओम और संचित पर रोज के सिर पर बांके से हमला करने का आरोप है।एसपी सुकीर्ति माधव ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से 315 बोर की लाइसेंसी राइफल, अवैध तमंचा, कारतूस और वाहन बरामद होने के बाद मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धारा बढ़ा दी गई है। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है, जबकि अन्य की तलाश और पूछताछ जारी है।



