देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। देहरादून की ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में बीएससी तृतीय वर्ष के छात्र मोहम्मद शारिक उम्र 22 वर्ष का कंकाल किमाड़ी के जंगल से बरामद हुआ। मोहम्मद शरीक पिछले 93 दिनों से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया। कंकाल पर मिले कपड़ों के आधार पर परिजनों ने उसकी शिनाख्त मोहम्मद शारिक के रूप में की है।
मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शेरकोट के रहने वाले मोहम्मद शारिक देहरादून के आजाद कॉलोनी में किराए के कमरे में रहकर अपनी पढ़ाई कर रहे थे। 17 जुलाई 2026 की रात लगभग 10 बजे वह स्कूटी लेकर कमरे से यह कहकर निकले थे कि वह आधे घंटे में लौट रहे हैं, जिसके बाद से उनका कोई सुराग नहीं मिला था। परिजनों ने पटेल नगर कोतवाली में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद पुलिस ने लगातार तलाश की, लेकिन सफलता न मिलने पर मामले को अपहरण की धाराओं में दर्ज किया गया था। अब 93 दिन बाद किमाड़ी के जंगल में कंकाल मिलने से इस मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।
शारिक के परिजनों ने उनके साथ रहने वाले दो युवकों पर हत्या का सीधा आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि उन्हें शुरुआत से ही शारिक के दोस्तों पर शक था। इस घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है और परिजनों ने न्याय की गुहार लगाई है।
उधर, घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आ गया है। पुलिस ने बरामद कंकाल को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मौत के असल कारणों का पता लगाने के लिए फॉरेंसिक जांच सहित अन्य पहलुओं पर गहराई से छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस इस मामले को अब हत्या के एंगल से भी जोड़कर देख रही है।



